बोया पेड़ नवजोत सिंह सिद्दू का तो जीत कहाँ से होय

फिर जो हार मान जाए वह सिद्दू हो नही सकता| अमृतसर पूर्व की सीट पर अपने चुनाव को अपनी पत्नी नवजोत कौर के हवाले छोड़ दिया है। कांग्रेस जम कर भुना रही है उनका नाम। सिद्धू का लक्ष्य अकाली सरकार को हराने तक सीमित नहीं है। अलबत्ता बादल परिवार को गहरी चोट पहुंचाने का है।

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Modi government Concedes to Win

The Narendra Modi government has done well to thrash out a deal with states on the contentious issue of sharing of administrative powers over the Goods and Services Tax (GST). States had been insisting on control over assessees with an annual turnover of up to Rs 1.50 crore. The Modi government was initially not willing to extend that leeway. But […]

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नरेन्द्र मोदी का राजनैतिक बनवास कमरा तक छिना

राष्‍ट्रीय स्‍वयंसेवक संघ से अपनी शुरुआत करने वाले नरेन्द्र मोदी की जिंदगी के कई पहलुओं पर उनके करीबी रहे पूर्व सांसद प्रफुल्‍ल गोरदिया की किताब Fly Me To The Moon का एक अंश: ”90 के दशक के अंत में गुजरात भाजपा के दो कद्दावर नेता केशुभाई पटेल और शंकर सिंह वाघेला राज्‍य में अपना प्रभुत्‍व स्‍थापित करने में लगे थे। तब […]

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11 जनवरी का फैसला बीजेपी के लिए संजीवनी बूटी

कोई कुछ भी कहे, सही तो यह है की बीजेपी 11 जनवरी के बाद ही प्रांतीय चुनाव में लिए पूरी तरह से कूदी है क्योंकि 11 जनवरी को बिडला-सहारा डायरी की जांच की मांग का सुप्रीम कोर्ट में खारिज होना नरेंद्र मोदी और बीजेपी के इए बड़ी राहत की बात है| प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिलो-दिमाग का भारी बोझ खत्म […]

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मीडिया और सेक्युलर वर्ग

यह सही है कि किसी धर्म या सम्प्रदाय को आतंकवाद से जोड़ कर नहीं देखना चाहिए क्योंकि किसी भी धर्म या सम्प्रदाय के सभी व्यक्ति कभी भी आतंकवादी नहीं हो सकते. साथ ही यह भी सही है कि सभी आतंकवादी विदेश से नहीं आते. उनकी योजना चाहे विदेश में बनती हो, चाहे उनकी के संसाधन विदेश से आते हो परन्तु उनसे सहानभूति रखनेवाले, उनको सहायता देने वाले और उनकी तरफ से उनकी योजना को कार्यान्वित करने वाले इसी देश में रहते है. इस बात का प्रमाण इस देश में होनी वाली गिरफ्तारियों है. आखिर कोई यह क्यों नहीं बताता कि स्लीपर सेल क्या चीज़ है? कहाँ और किस देश के लोग स्लीपर सेल में शामिल होते है? जहाँ मीडिया और सेक्युलर वर्ग गुजरात में हुई शर्मनाक घटना तो उजागिर करने पर लगा है, वही क्या उसका कर्तव्य आतंकवाद और उससे सम्बंधित व्यक्तियों और गिरोह को उजागर करना नहीं है? अगर मीडिया और सेक्युलर वर्ग केवल संप्रदाय विशेष के प्रति होने वाले कतिपय अन्याय को ही उजागर करता रहेगा और समाज में फैलने वाले आतंकवाद के प्रति उदासीन रहेगा तो क्या यह ना माना जाए कि उसका ध्येय केवल और केवल राजनैतिक है और उसकी पूरी मुहीम केवल मोदी और बीजेपी विरोधी ही है?

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गन्दी राजनीति

गन्दी राजनीति कल एक केंद्रीय महिला मंत्री ने रामज़ादे और हरामज़ादे शब्द का प्रोयोग करके मधु मक्खी का छत्ता छेड़ दिया है. इसमें कोई दो राय नहीं होसकती की इस तरह के शब्द, किसी के लिए ख़ास कर प्रितिपक्ष के लिए, प्रयोग करना आधुनिक समाज में वर्जित होना चाहिए. दुःख इस बात का है की फिर भी इस तरफ के […]

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BJP in the eyes of Secular History

Last night I had a dream. In the dream, I found myself in a conclave, being addressed by top secular & liberal historians. The main topic was “BJP in the eyes of Secular History” Though I am a not good history student but I am keenly interested in the history. BJP is a hot topic currently, so I started listening attentively.

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