कैशलेस करने के नाम पर जनता को चूना

एक समय जब बैंक का इतना प्रसार नही हुआ था तब लोगो को अपना पैसा रखने की एक मात्र जगह थी “गाँव का साहूकार” जो लोगो का पैसा अपने पास रखता था परन्तु उसपर कोई व्याज तो देता नहीं था बल्कि 10% पैसा रखने का काट भी लेता था| मज़े की बात यह थी की जब आप अपना पैसा मांगते […]

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प्रशांत किशोर का किस्सा

सभी मझे नेता को पता होता है कि हारा नेता भी कई करोड़ का होता है| परन्तु यदि प्रशांत किशोर कि तरकीब सफल हुए और गठबंधन हुआ तब अधिकाँश को चुनाव लड़ने का मौका भी नही मिलेगा तब वे हारे हुए नेता ना होकर भूतपूर्व विधानसभा उम्मीदवार मात्र बन कर रह जायेंगे जिसकी कीमत दो कौड़ी भी नही होती|

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चीनी सामान का वहिष्कार एवं व्यापारियों का नुक्सान

यह सही है कि सारे चीनी समाना का वहिष्कार मुश्किल है क्योंकि बहुत सी कंपनी अपने सामान का उत्पाद चीन में कर उसे भारत में बेचती है| फिर भी जिस सामान का वहिष्कार किया जा सकता है और जिस सामान से हमारा कुटीर उद्ध्योग बंद हो रहा है, उनका वहिष्कार होना ही चाहिए|

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संकटमोचन बड़ी बहन

शायद दूसरी या तीसरी में पढता रहा होऊंगा। दोपहर को दूसरी मंजिल के मुरेड पर दो कबूतर दिखाई दिए। छत पर जाने के लिए लकड़ी की सीढ़ी ही थी। परंतु वह केवल काम पड़ने ओर लगती थी। कबूतर देख कुछ ऐसा ताव चढ़ा की, तुलसीदास को पिछड़ते हुए, बारी(दीवार से निकली िनत) पकड़, बमुश्किल तमाम, जान खेल, चढ़ना था सो चढ़ गया।

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Father, Son & Great Recession

आज वही पिता दुसरे की दूकान में छोले-पटूरे का कारीगर है और उसका बेटा बेकार घूम रहा है| आखिरकार देश में मंदी के दौर से जो गुज़र रहा है| परन्तु हमारे प्रधान-मंत्री देश-दुनिया घूमने के अतिरिक्त कुछ नहीं करते|

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